UPSSSC लोअर मेन्स के लिए वचन की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए वचन की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।
| एकवचनएकवचन | बहुवचनबहुवचन |
|---|---|
| लड़का | लड़के |
| किताब | किताबें |
| माला | मालाएँ |
| नदी | नदियाँ |
| वधू | वधुएँ |
शब्द के जिस रूप से एक या अनेक होने का बोध हो, उसे वचन कहते हैं।शब्द के जिस रूप से एक या अनेक होने का बोध हो, उसे वचन कहते हैं।
जो शब्द किसी एक वस्तु या व्यक्ति का बोध कराते हैं, उन्हें एकवचन कहते हैं। जैसे: लड़का, गाय, पुस्तक, बालक।जो शब्द किसी एक वस्तु या व्यक्ति का बोध कराते हैं, उन्हें एकवचन कहते हैं। जैसे: लड़का, गाय, पुस्तक, बालक।
शब्द के जिस रूप से दो या दो से अधिक वस्तुओं या व्यक्तियों का बोध हो, उसे बहुवचन कहते हैं। जैसे: लड़के, गायें, पुस्तकें।शब्द के जिस रूप से दो या दो से अधिक वस्तुओं या व्यक्तियों का बोध हो, उसे बहुवचन कहते हैं। जैसे: लड़के, गायें, पुस्तकें।
अकारांत पुल्लिंग शब्दों में 'आ' के स्थान पर 'ए' लगाकर: पंखा -> पंखे, बेटा -> बेटे।अकारांत पुल्लिंग शब्दों में 'आ' के स्थान पर 'ए' लगाकर: पंखा -> पंखे, बेटा -> बेटे।
आकारांत स्त्रीलिंग शब्दों में 'एँ' जोड़कर: लता -> लताएँ, माला -> मालाएँ, कन्या -> कन्याएँ।आकारांत स्त्रीलिंग शब्दों में 'एँ' जोड़कर: लता -> लताएँ, माला -> मालाएँ, कन्या -> कन्याएँ।
इकारान्त/ईकारान्त शब्दों में 'याँ' जोड़कर (ई को इ में बदलकर): नदी -> नदियाँ, जाति -> जातियाँ, स्त्री -> स्त्रियाँ।इकारान्त/ईकारान्त शब्दों में 'याँ' जोड़कर (ई को इ में बदलकर): नदी -> नदियाँ, जाति -> जातियाँ, स्त्री -> स्त्रियाँ।
सम्मान प्रकट करने के लिए एकवचन के स्थान पर बहुवचन का प्रयोग होता है। जैसे: पिताजी आ रहे हैं, गांधीजी सत्यवादी थे।सम्मान प्रकट करने के लिए एकवचन के स्थान पर बहुवचन का प्रयोग होता है। जैसे: पिताजी आ रहे हैं, गांधीजी सत्यवादी थे।
कुछ शब्द हमेशा एकवचन में रहते हैं: वर्षा, जनता, पानी, आग, आकाश, घी, दूध, सत्य।कुछ शब्द हमेशा एकवचन में रहते हैं: वर्षा, जनता, पानी, आग, आकाश, घी, दूध, सत्य।
कुछ शब्द हमेशा बहुवचन में रहते हैं: दर्शन, हस्ताक्षर, प्राण, बाल, आंसू, होश, दाम, लोग।कुछ शब्द हमेशा बहुवचन में रहते हैं: दर्शन, हस्ताक्षर, प्राण, बाल, आंसू, होश, दाम, लोग।
घोड़ा-घोड़े, सड़क-सड़कें, मेज-मेजें, कलम-कलमें, गाय-गायें, रात-रातें, बात-बातें, ऋतु-ऋतुएँ, वधू-वधुएँ, वस्तु-वस्तुएँ, गुरु-गुरुजन, पाठक-पाठकगण, मित्र-मित्रवर्ग, सेना-सेनाएँ।घोड़ा-घोड़े, सड़क-सड़कें, मेज-मेजें, कलम-कलमें, गाय-गायें, रात-रातें, बात-बातें, ऋतु-ऋतुएँ, वधू-वधुएँ, वस्तु-वस्तुएँ, गुरु-गुरुजन, पाठक-पाठकगण, मित्र-मित्रवर्ग, सेना-सेनाएँ।
1. संज्ञा या सर्वनाम के साथ क्रिया का रूप देखें। 2. 'आदर' वाले वाक्यों में क्रिया बहुवचन होती है। 3. 'दर्शन', 'प्राण', 'हस्ताक्षर' को हमेशा बहुवचन के रूप में याद रखें। 4. 'पानी', 'घी', 'जनता' को हमेशा एकवचन के रूप में रट लें।1. संज्ञा या सर्वनाम के साथ क्रिया का रूप देखें। 2. 'आदर' वाले वाक्यों में क्रिया बहुवचन होती है। 3. 'दर्शन', 'प्राण', 'हस्ताक्षर' को हमेशा बहुवचन के रूप में याद रखें। 4. 'पानी', 'घी', 'जनता' को हमेशा एकवचन के रूप में रट लें।