Synonyms (Paryayvachi Shabd)पर्यायवाची शब्द

Exhaustive list of high-yield Hindi Synonyms (पर्यायवाची शब्द) categorized and simplified for UPSSSC PET exam.पर्यायवाची शब्द पर UPSSSC PET की विस्तृत गाइड।

Mediumमध्यम 45 min totalकुल 45 मिनट

Detailed Brief Overview

विषय/पहल (Aspect)मुख्य विवरण (Key Details)
शाब्दिक अर्थ (Literal Meaning)पर्याय (समान/एक जैसा) + वाच्य (बोला जाने वाला/अर्थ व्यक्त करने वाला)। इसका तात्पर्य 'समान अर्थ देने वाले शब्द' से है।
परिभाषा (Definition)वे शब्द जो समान अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें पर्यायवाची (Paryayvachi Shabd) या समानार्थी (Synonyms) कहा जाता है।
प्रकार/भेद (Classifications)1. पूर्ण पर्याय (स्थान बदलने पर भी अर्थ समान रहता है) 2. अपूर्ण पर्याय (सूक्ष्म अर्थ-भेद होता है) 3. पूर्णापूर्ण पर्याय (प्रसंग विशेष पर निर्भर)
UPSSSC PET में महत्वसामान्य हिन्दी खंड में 1 से 2 प्रश्न सीधे पर्यायवाची शब्द (Hindi Vocabulary) से पूछे जाते हैं।
सूक्ष्म अर्थ-भेद (Subtle Difference)यद्यपि अर्थ समान होता है, परंतु प्रत्येक शब्द का प्रयोग संदर्भ अलग होता है (जैसे: जल की जगह हर स्थान पर पानी का प्रयोग सही नहीं बैठता)।
प्रत्यय-आधारित नियम (Suffix Rules) (जन्म लेने वाला = कमल), (देने वाला = बादल), धिर/धि (धारण करने वाला = समुद्र)।
तत्सम-तद्भव संबंधअधिकतर पर्यायवाची शब्द संस्कृत (तत्सम) भाषा से लिए गए हैं, जो परीक्षा की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं।
परीक्षा में पहचान कुंजीविकल्पों को हल करते समय मूल शब्द के अर्थ और प्रत्यय के योग को पहचानना सबसे प्रभावी तकनीक है।

Detailed Explanation with Mnemonics

1. जल-कमल-बादल-समुद्र सूत्र (ज, द, धि प्रत्यय नियम)

जल के मूल शब्द: जल, नीर, वारि, अम्बु, तोय, पय, उदक।

कमल (जल + ज): जलज, नीरज, वारिज, अम्बुज, तोयज (जल से जन्म लेने वाला)।
बादल (जल + द): जलद, नीरद, वारिद, अम्बुद, तोयद (जल देने वाला)।
समुद्र (जल + धि): जलधि, नीरधि, वारिधि, अम्बुधि, तोयधि (जल को धारण करने वाला)।
याद रखने की शॉर्ट-ट्रिक: जल शब्द के अंत में 'ज' लगाने से कमल, 'द' लगाने से बादल और 'धि' लगाने से समुद्र बनता है।

2. सूर्य, दिन, रात्रि और चंद्रमा का संबंध (खगोलीय वर्ग)

सूर्य के पर्याय: दिनकर, दिवाकर, भानु, भास्कर, अर्क, अद्रि, मार्तण्ड, सविता, पतंग, तरणि।

रात्रि के पर्याय: निशा, रजनी, विभावरी, यामिनी, तमिस्रा, क्षणदा, त्रियामा।
चंद्रमा (रात्रि + कर/पति): निशाकर, रजनीकर, निशापति, राकापति, शशांक, हिमांशु, सुधांशु, द्विजराज।
राक्षस (रात्रि + चर): निशाचर, रजनीचर, तमचर।
याद रखने की शॉर्ट-ट्रिक: दिन बनाने वाला = सूर्य; रात में चमकने वाला = चंद्रमा; रात में घूमने वाला = राक्षस

3. देव, असुर और इंद्र के पर्यायवाची (देवता वर्ग)

देवता: सुर, देव, अमर, निर्जर, त्रिदश, विबुध, गीर्वाण।

असुर: असुर, दानव, दैत्य, राक्षस, सुरारि (सुर + अरि = देवों का शत्रु), दनुज।
इंद्र (देवों के राजा): सुरेश (सुर + ईश), सुरपति, देवराज, मघवा, वासव, शक्र, पुरंदर, सहस्राक्ष।
याद रखने की शॉर्ट-ट्रिक: देवों के नाम के आगे 'ईश/पति' जोड़ें तो इंद्र बनेगा; देवों के नाम के आगे 'अरि/रिपु' जोड़ें तो असुर बनेगा।

4. पृथ्वी, पर्वत और सर्प का प्राकृतिक संबंध (भू-वर्ग)

पृथ्वी: भू, भूमि, धरा, धरित्री, वसुंधरा, वसुधा, मेदिनी, अवनि, उरवी, रसा।

पर्वत (पृथ्वी + धर): भूधर, महीधर, धरणीधर, नग, अचल, शैल, गिरि।
सर्प: उरग (छाती के बल चलने वाला), भुजंग, विषधर, व्याल, अहि, नाग, पवनाशन।
याद रखने की शॉर्ट-ट्रिक: भू/धरा में 'धर' जोड़ें तो पर्वत; उर (छाती) से गमन करे तो सर्प/नाग

5. पवित्र नदियाँ: गंगा, यमुना और सरस्वती (नदी वर्ग)

गंगा: भागीरथी, सुरसरि, देवनदी, मंदाकिनी, त्रिपथगा, विष्णुपदी, जान्हवी।

यमुना: कालिंदी, सूर्यसुता, भानुजा, अर्कजा, तरणिजा, कृष्णा।
सरस्वती: ब्राह्मी, भारती, वाक्, गिरा, वीणापाणि, शारदा, हंसवाहिनी।
याद रखने की शॉर्ट-ट्रिक: सूर्य + जा/सुता (पुत्री) = यमुना; देव + सरि/नदी = गंगा; ज्ञान की देवी = सरस्वती

6. पर्यायवाची के प्रकार और सूक्ष्म अंतर (प्रयोग नियम)

पूर्ण पर्याय: जो शब्द हर प्रसंग में एक-दूसरे का स्थान ले सकें (जैसे: वस्त्र = कपड़ा = वसन)।

अपूर्व/अपूर्ण पर्याय: जो समान अर्थ देते हैं पर हर जगह बदले नहीं जा सकते (जैसे: 'कमल' को 'कीचड़ से उत्पन्न' कह सकते हैं, पर हर 'कीचड़ की चीज' कमल नहीं)।
पूर्णापूर्ण पर्याय: एक स्थिति में पर्याय और दूसरी स्थिति में भिन्न (जैसे: 'पैर छूना' और 'चरण स्पर्श' में भाव का अंतर)।

Comprehensive Data Tables

मूल शब्द (Word)वर्ग/श्रेणी (Category)अति-महत्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द (Key Synonyms)विशेष नियम / अर्थ-विच्छेद (Rule/Split)
अग्नि (Fire)प्राकृतिक तत्वअनल, पावक, दहन, वह्नि, कृशानु, वैश्वानर, हुताशन, शिखीअन + अल (अनल) | 'अनिल' (वायु) से भ्रमित न हों।
अमृत (Nectar)पौराणिकसुधा, पीयूष, अमिय, सोम, सुरभोग, जीवनोदकअ + मृत = जो कभी मरने न दे।
आँख (Eye)शरीर का अंगअक्षि, नयन, लोचन, चक्षु, दृग, विलोचन, प्रेक्षणअक्षि (तत्सम) का तद्भव रूप 'आँख' है।
इच्छा (Desire)मानसिक भावआकांक्षा, अभिलाषा, कामना, लालसा, स्पृहा, इहा, वांछास्पृहा एवं इहा कठिन तत्सम पर्याय हैं।
कपड़ा (Cloth)दैनिक वस्तुवस्त्र, वसन, पट, अंबर, चीर, परिधान'अंबर' का अर्थ कपड़ा एवं आकाश दोनों है।
कामदेव (Cupid)पौराणिकमदन, मनोभव, पंचशर, मार, स्मर, मीनकेतु, कंदर्प, अनंगमन + भव = मन में उत्पन्न होने वाला।
कुबेर (God of Wealth)पौराणिकधनद, यक्षराज, धनेश्वर, किन्नरेश, राजराज, धनाधिपधन + द = धन देने वाला देव।
चंद्रमा (Moon)खगोलीय पिंडशशांक, हिमांशु, सुधांशु, राकापति, द्विजराज, मयंक, सोमशश (खरगोश) + अंक (गोद में चिन्ह)।
तरंग (Wave)जल प्रपात/नदीलहर, वीचि, उर्मी, हिलोर'वीचि' और 'उर्मी' बार-बार पूछे जाने वाले शब्द हैं।
तलवार (Sword)अस्त्र-शस्त्रअसि, कृपाण, करवाल, खड्ग, चंद्रहास, शमशीरचंद्रहास = रावण की तलवार का विशेष नाम।
पण्डित (Scholar)व्यक्ति वर्गसुधी, विद्वान, कोविद, बुध, मनीषि, प्राज्ञ, धीरकोविद, मनीषि, सुधी (क्लिष्ट शब्द)।
पवन/हवा (Wind)प्राकृतिक तत्ववायु, अनिल, समीर, मरुत, वात, प्रभंजन, समीरण'अनिल' (वायु) का 'अनल' (अग्नि) से अंतर रखें।
हाथी (Elephant)पशु वर्गगज, द्विप, वारण, मातंग, कुंभी, हस्ती, दंती, करीद्वि + प = दो बार जल पीने वाला।
सिंह/शेर (Lion)पशु वर्गकेसरी, शार्दूल, मृगेंद्र, वनराज, नाहर, पंचानन, हरिमृग + इंद्र = पशुओं का राजा।
सोना (Gold)धातु/द्रव्यस्वर्ण, कंचन, कनक, हेम, हाटक, जात रूप, हिरण्यहाटक एवं जातरूप UPSSSC PET के लिए प्रिय शब्द हैं।

Tricks to Remember

Mistakes to Avoid

Point-wise Detailed Summary

UPSC Notes & InsightsUPSC नोट्स और अंतर्दृष्टि

परीक्षा रणनीति (Tip): UPSSSC PET में जब भी अनजाना पर्यायवाची दिखे, शब्द के अंत में लगे प्रत्यय (ज, द, धि, जा, धर, अरि) का विच्छेद करके अर्थ निकालें। इससे 80% कठिन प्रश्न आसानी से हल हो जाते हैं।

परीक्षक का जाल (Trap): परीक्षा में 'अग्नि' का पर्यायवाची पूछकर विकल्पों में 'अनिल' दिया जाता है और 'वायु' पूछकर 'अनल' दिया जाता है। छात्र उतावलेपन में 'इ' की मात्रा पर ध्यान नहीं देते और अंक गंवा बैठते हैं।

परीक्षक का जाल (Trap): तरणि (सूर्य) तथा तरणी (नौका) के बीच मात्राओं का सूक्ष्म फेरबदल करके भ्रमित किया जाता है। याद रखें: छोटी 'इ' = सूर्य (छोटा), बड़ी 'ई' = नाव (बड़ी)।

परीक्षा रणनीति (Tip): 'द्विज', 'अंबर', 'हरि', 'अरि' जैसे अनेकार्थी शब्दों के पर्यायवाची संबंधों को विशेष रूप से याद रखें, क्योंकि PET परीक्षा में बहु-अर्थी पर्याय बहुतायत में पूछे जाते हैं।

परीक्षक का जाल (Trap): मार्तण्ड (सूर्य) और मातंग (हाथी), तथा कृशानु (अग्नि) और कृषक (किसान) में जानबूझकर समान ध्वनि का फायदा उठाकर गलत विकल्प बनाया जाता है।

Key Takeawaysमुख्य बातें