Important Hindi Idioms (मुहावरे) and Proverbs (लोकोक्तियाँ) with their contextual meanings and sentence usage for UPSSSC PET.मुहावरे-लोकोक्तियाँ पर UPSSSC PET की विस्तृत गाइड।
| विषय/पहलू (Aspect) | मुख्य विवरण (Key Details) |
|---|---|
| परिभाषा (Definition) | मुहावरा (Idiom): ऐसा वाक्यांश जो अपने साधारण या शाब्दिक अर्थ को छोड़कर किसी विशेष या लाक्षणिक अर्थ को व्यक्त करता है। लोकोक्ति (Proverb): लोक-अनुभव से सिद्ध वह पूर्ण वाक्य जो किसी सत्य या कथन की पुष्टि हेतु कहावत के रूप में प्रयुक्त होता है। |
| शब्द व्युत्पत्ति (Etymology) | मुहावरा: मूलतः अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ 'अभ्यास' या 'बातचीत' होता है। लोकोक्ति: 'लोक + उक्ति' (संस्कृत संधि) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है 'लोगों का कथन'। |
| व्याकरणिक स्वरूप (Grammatical Structure) | मुहावरा: यह वाक्यांश (Phrase) होता है, पूर्ण वाक्य नहीं। लोकोक्ति: यह एक पूर्ण वाक्य (Complete Sentence) होता है। |
| अंतिम पद पहचान (Ending Identifier) | मुहावरा: इसके अंत में प्रायः 'ना' प्रत्यययुक्त क्रिया (जैसे- होना, करना, आना, जाना) होती है। लोकोक्ति: इसके अंत में क्रिया का होना या 'ना' आना अनिवार्य नहीं है। |
| लिंग-वचन परिवर्तन (Flexibility) | मुहावरा: वाक्य प्रयोग के समय लिंग, वचन, पुरुष और काल के अनुसार बदल जाता है। लोकोक्ति: इसका रूप सदैव अपरिवर्तनीय (अचल) रहता है। |
| स्वतंत्र प्रयोग (Independent Use) | मुहावरा: स्वतंत्र रूप से प्रयोग नहीं हो सकता, यह केवल वाक्य का अंश बनता है। लोकोक्ति: स्वतंत्र रूप से एक पूर्ण वाक्य के रूप में प्रयुक्त हो सकती है। |
| अर्थ का स्वरूप (Nature of Meaning) | मुहावरा: सदैव लाक्षणिक अर्थ (Figurative Meaning) देता है। लोकोक्ति: व्यंजनात्मक एवं अनुभवजन्य सत्य को दर्शाती है। |
| PET परीक्षा में भार (Exam Weightage) | UPSSSC PET सामान्य हिन्दी पाठ्यक्रम में 1 से 2 प्रश्न (Direct MCQ) अर्थ-बोध, वाक्य प्रयोग और पहचान पर पूछे जाते हैं। |
• मूल नियम: मुहावरा कभी शाब्दिक अर्थ (Literal Meaning) नहीं देता, यह हमेशा लाक्षणिक अर्थ प्रकट करता है।
10+ शास्त्रीय उदाहरण (Classic Examples):
1. अंगूठा दिखाना: ऐन वक्त पर मना करना
2. आँखें बिछाना: प्रेमपूर्वक स्वागत करना
3. इति श्री करना: समाप्त करना
4. ईद का चाँद होना: बहुत दिनों बाद दिखाई देना
5. उँगली उठाना: दोषारोपण करना లేదా निंदा करना
6. कान भरना: पीठ पीछे चुगली करना
7. गाल बजाना: डींग हाँकना / बढ़-चढ़कर बोलना
8. घुटने टेकना: हार स्वीकार करना
9. चंपत होना: भाग जाना / गायब होना
10. छाती पर मूँग दलना: पास रहकर कष्ट देना
11. जहर का घूँट पीना: असह्य बात को चुपचाप सहन करना
• मूल नियम: लोकोक्ति जनसामान्य के वर्षों के गहन अनुभव का निचोड़ होती है।
10+ शास्त्रीय उदाहरण (Classic Examples):
1. अधजल गगरी छलकत जाय: कम ज्ञान या योग्यता वाला व्यक्ति अधिक प्रदर्शन करता है
2. अपनी करनी पार उतरनी: मनुष्य को अपने कर्मों का ही फल मिलता है
3. आम के आम गुठलियों के दाम: दोहरा लाभ होना
4. उलटे बाँस बरेली को: विपरीत कार्य करना
5. कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली: दो असमान व्यक्तियों की तुलना
6. घर का भेदी लंका ढाये: आपस की फूट से सर्वनाश होता है
7. चिराग तले अँधेरा: अपनी बुराई या दोष स्वयं दिखाई न देना
8. चोर की दाढ़ी में तिनका: अपराधी का स्वयं सशंकित रहना
9. नाच न जाने आँगन टेढ़ा: अपनी अयोग्यता छिपाने के लिए दूसरों में दोष निकालना
10. साँप भी मरे और लाठी भी न टूटे: बिना हानि के काम बन जाना
11. जैसी करनी वैसी भरनी: कर्म के अनुसार फल मिलना
• अंतर 1 (वाक्य स्वरूप): मुहावरा अपूर्ण वाक्य (वाक्यांश) है; जबकि लोकोक्ति स्वतंत्र पूर्ण वाक्य है।
• विशेषता: UPSSSC PET में आँख, कान, नाक, मुँह, सिर, हाथ और पेट से संबंधित मुहावरे अत्यधिक पूछे जाते हैं।
10+ अंग-आधारित मुहावरे:
1. आँख का तारा: अत्यधिक प्यारा होना
2. आँखों में धूल झोंकना: धोखा देना
3. कान पर जूँ न रेंगना: कोई असर न होना / बेपरवाह होना
4. नाक का बाल होना: अत्यधिक प्रिय होना या अकारण प्रिय होना
5. नाक भौं सिकोड़ना: घृणा या असंतोष प्रकट करना
6. मुँह में पानी आना: ललचा जाना
7. सिर मुड़ाते ही ओले पड़ना: काम शुरू करते ही बाधा आना
8. हाथ खींचना: सहायता बंद करना / पीछे हटना
9. छाती पर मूँग दलना: पास रहकर कष्ट देना
10. पेट में दाढ़ी होना: कम उम्र में बहुत चालाक या समझदार होना
11. उँगली पकड़कर पहुँचा पकड़ना: थोड़ा सा सहारा पाकर पूरे पर अधिकार जमाना
• विशेषता: इन मुहावरों/लोकोक्तियों में प्राणिजगत और प्राकृतिक प्रतीकों द्वारा मानव स्वभाव की व्याख्या की जाती है।
10+ प्राणि/प्रकृति आधारित उदाहरण:
1. ऊँट के मुँह में जीरा: आवश्यकता की तुलना में बहुत कम वस्तु मिलना
2. धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का: जिसका कहीं ठिकाना न हो / अस्थिर
3. कौआ चले हंस की चाल: अयोग्य व्यक्ति का योग्य बनने का व्यर्थ ढोंग करना
4. गधे को बाप बनाना: काम निकालने के लिए मूर्ख की खुशामद करना
5. बिल्ली के भाग्य से छींका टूटना: अचानक अनपेक्षित लाभ होना
6. साँप-छछूँदर की हालत होना: दुविधा या असमंजस की स्थिति होना
7. गीदड़ भभकी: झूठी धमकी या दिखावटी डर
8. आसमान से गिरा खजूर में अटका: एक विपत्ति से छूटकर दूसरी में फँसना
9. बगुला भगत: कपटी या पाखंडी व्यक्ति
10. दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँककर पीता है: एक बार धोखा खाया व्यक्ति अत्यधिक सावधान रहता है
| क्र. (S.N.) | मुहावरा / लोकोक्ति (Term) | प्रकार (Type) | सटीक अर्थ (Exact Meaning) | UPSSSC परीक्षा विशेष टिप्पणी / वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|---|---|
| 1 | अंग-अंग ढीला होना | मुहावरा | अत्यधिक थक जाना | दिनभर खेत में काम करने के बाद किसान का अंग-अंग ढीला हो गया। |
| 2 | अंगूठा दिखाना | मुहावरा | समय पर देने से साफ इंकार करना | उधार माँगने पर सोहन ने साफ अंगूठा दिखा दिया। |
| 3 | अंधे की लाठी (लकड़ी) | मुहावरा | एकमात्र सहारा | श्रवण कुमार अपने वृद्ध माता-पिता के लिए अंधे की लाठी थे। |
| 4 | अक्कल का दुश्मन | मुहावरा | महामूर्ख व्यक्ति | उसे समझाना व्यर्थ है, वह तो पूरा अक्कल का दुश्मन है। |
| 5 | अपनी खिचड़ी अलग पकाना | मुहावरा | सबके साथ न मिलकर अलग रहना | स्वार्थी लोग समाज में अपनी खिचड़ी अलग ही पकाते हैं। |
| 6 | आकाश से तारे तोड़ना | मुहावरा | असंभव कार्य को कर दिखाना | परीक्षा में प्रथम आना आकाश से तारे तोड़ने जैसा नहीं है, यदि मेहनत की जाए। |
| 7 | आस्तीन का साँप | मुहावरा | कपट/विश्वासघाती मित्र | जिसे मैं मित्र समझता था, वह तो आस्तीन का साँप निकला। |
| 8 | इति श्री करना | मुहावरा | समाप्त या अंत करना | अध्यक्ष महोदय ने भाषण समाप्त कर कार्यक्रम की इति श्री की। |
| 9 | ईंट से ईंट बजाना | मुहावरा | कड़ा मुकाबला करना / कड़ा विनाश करना | भारतीय सेना ने दुश्मनों की ईंट से ईंट बजा दी। |
| 10 | कुएँ में भाँग पड़ना | मुहावरा | सबकी बुद्धि भ्रष्ट होना | इस कार्यालय में तो सबकी बुद्धि मारी गई है, मानो कुएँ में ही भाँग पड़ी हो। |
| 11 | अधजल गगरी छलकत जाय | लोकोक्ति | अल्पज्ञानी द्वारा अधिक डींग मारना | थोड़ा सा धन पाते ही वह इतराने लगा, ठीक ही कहा है- अधजल गगरी छलकत जाय। |
| 12 | अंधों में काना राजा | लोकोक्ति | मूर्खों में थोड़ा ज्ञानी भी आदर पाता है | अनपढ़ गाँव में 5वीं पास रमेश की बहुत इज्जत है, वही अंधों में काना राजा है। |
| 13 | आसमान से गिरा खजूर में अटका | लोकोक्ति | एक मुसीबत से निकलकर दूसरी में फँसना | नौकरी छूटी तो बीमारी ने घेर लिया, वही बात हुई- आसमान से गिरा खजूर में अटका। |
| 14 | एक पंथ दो काज | लोकोक्ति | एक ही उपाय से दो लाभ होना | दिल्ली परीक्षा देने गया और लाल किला भी देख आया, इसे कहते हैं एक पंथ दो काज। |
| 15 | कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली | लोकोक्ति | दो असमान व्यक्तियों की तुलना करना | एक साधारण कर्मचारी की तुलना अधिकारी से करना कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली वाली बात है। |
| 16 | खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे | लोकोक्ति | लज्जित होकर व्यर्थ का क्रोध करना | मैच हारने के बाद कप्तान अंपायर पर बिगड़ने लगा- खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे। |
| 17 | घर का भेदी लंका ढाये | लोकोक्ति | आपसी फूट से सर्वनाश होना | कंपनी के गोपनीय भेद कर्मचारी ने लीक कर दिए, सच है घर का भेदी लंका ढाये। |
| 18 | चिराग तले अँधेरा | लोकोक्ति | अपनी बुराई स्वयं न दिखना | शिक्षक का अपना बेटा पढ़ाई में कमजोर है, इसे कहते हैं चिराग तले अँधेरा। |
| 19 | चोर की दाढ़ी में तिनका | लोकोक्ति | दोषी व्यक्ति का स्वयं डरा रहना | पुलिस को देखते ही वह घबरा गया, इसे कहते हैं चोर की दाढ़ी में तिनका। |
| 20 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | लोकोक्ति | काम न आने पर बहाना बनाना | जब प्रश्न पत्र कठिन आया तो परीक्षा प्रणाली को दोष देने लगा- नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
यदि किसी दिए गए कथन के अंत में 'ना' लगा हो (जैसे- आँखें दिखाना, कान भरना, हवा होना), तो वह 99% मुहावरा होगा। यदि अंत में सामान्य पूर्ण वाक्य की समाप्ति हो (जैसे- ...छलकत जाय, ...लंका ढाये), तो वह लोकोक्ति होगी।
कथन को अकेले बोलकर देखें। यदि वह अकेले बिना किसी संदर्भ के अपना पूरा अर्थ दे (जैसे- जैसी करनी वैसी भरनी), तो वह लोकोक्ति है। यदि वह अधूरा लगे और उसे वाक्य की आवश्यकता हो (जैसे- नौ दो ग्यारह होना), तो वह मुहावरा है।
मुहावरे के विकल्पों में यदि शाब्दिक अर्थ (जैसे- 'आँख का तारा' = आँख का कोई हिस्सा) दिया हो, तो उसे तुरंत खारिज करें। हमेशा लाक्षणिक अर्थ (जैसे- अत्यधिक प्रिय) वाला विकल्प ही चुनें।
मुहावरे के शब्दों को उनके पर्यायवाची से बदला नहीं जा सकता। यदि प्रश्न में 'आँख' की जगह 'नेत्र का तारा' लिखा हो, तो वह अशुद्ध होगा। मुहावरे का रूप अपरिवर्तनीय रहता है।
• आँख: ध्यान, प्रेम, ईर्ष्या, धोखा।
लोकोक्तियाँ बहुधा पद्यात्मक या तुकांत (Rhyming) होती हैं; जैसे- अपनी करनी पार उतरनी, आम के आम गुठलियों के दाम। यह पहचान लोकोक्ति चुनने में बहुत सहायक होती है।
जितनी लोकोक्तियों में जैसी-वैसी, जिसकी-उसकी, जहाँ-तहाँ जैसे सहसंबंधी अव्यय आते हैं (उदा. जिसकी लाठी उसकी भैंस, जहाँ चाह वहाँ राह), वे सभी 100% लोकोक्तियाँ होती हैं।
छात्र प्रायः 'गाल बजाना' का अर्थ 'गाल पर थप्पड़ मारना' चुन लेते हैं, जबकि सही अर्थ 'डींग हाँकना' है। सुधार: मुहावरे में हमेशा लाक्षणिक अर्थ ही सत्य होता है।
'ऊँट के मुँह में जीरा' को मुहावरा मान लेना। सुधार: यह एक पूर्ण वाक्य और दृष्टांत है, अतः यह लोकोक्ति है, मुहावरा नहीं।
वाक्य में लोकोक्ति का प्रयोग करते समय छात्र उसके शब्दों में परिवर्तन कर देते हैं (उदा. 'अधजल गगरी छलकत गई')। सुधार: लोकोक्ति अचल होती है, इसके रूप में कोई बदलाव न करें।
'आँखें दिखाना' (क्रोध प्रकट करना) और 'आँखें फेरना' (प्रतिकूल होना/उपेक्षा करना) को एक समझना। सुधार: दोनों के सूक्ष्म भाव अंतर को ध्यानपूर्वक समझकर उत्तर दें।
वाक्य में 'वह पुलिस को देखकर नौ दो ग्यारह हो गया' की जगह 'वह पुलिस को देखकर भाग गया हो गया' लिखना। सुधार: वाक्य में मूल मुहावरा ही प्रयुक्त होता है, उसका अर्थ नहीं।
इसका अर्थ 'बरेली जाना' समझ लेना। सही अर्थ: विपरीत या उल्टे काम करना (क्योंकि बरेलवी बाँस का मंडी क्षेत्र था, वहाँ बाँस ले जाना निरर्थक है)।
मुहावरा अरबी भाषा से आया वाक्यांश है जो अपने रूढ़/लाक्षणिक अर्थ के लिए प्रयुक्त होता है।
लोकोक्ति ('लोक + उक्ति') समाज के अनुभव पर आधारित स्वतंत्र पूर्ण वाक्य है।
मुहावरे का अंतिम पद सामान्यतः क्रिया ('ना') पर समाप्त होता है, जैसे- 'अंगूठा दिखाना'।
मुहावरा वाक्य के लिंग, वचन और काल के अनुसार बदलता है; लोकोक्ति अपरिवर्तनीय रहती है।
मुहावरे में लक्षणा शक्ति तथा लोकोक्ति में व्यंजना शक्ति व व्यावहारिक सत्य होता है।
मुहावरे का स्वतंत्र प्रयोग नहीं हो सकता; लोकोक्ति स्वतंत्र रूप से बोली जा सकती है।
मुहावरे या लोकोक्ति के मूल शब्दों को उनके पर्यायवाची शब्दों से बदलना मना है।
अंगूठा दिखाना (मना करना), आस्तीन का साँप (कपटी मित्र), इति श्री करना (समाप्त करना), कलेजा ठंडा होना (संतोष होना)।
अधजल गगरी छलकत जाय (कम ज्ञान पर इतराना), नाच न जाने आँगन टेढ़ा (दोष मढ़ना), घर का भेदी लंका ढाये (आपसी फूट)।
परीक्षा में 'रेखांकित मुहावरे का सही अर्थ', 'निम्नलिखित में से लोकोक्ति छाँटिए' तथा 'रिक्त स्थान पूर्ति' पर आधारित MCQs पूछे जाते हैं।
शाब्दिक अर्थ वाले विकल्पों को निरस्त कर लाक्षणिक व भाव्यात्मक अर्थ वाले विकल्प का चयन करें।
शरीर के अंग, पशु-पक्षी और दैनिक जीवन की कहावतों की सूची का नियमित अभ्यास ही शत-प्रतिशत अंक दिलाता है।
UPSSSC PET परीक्षा में यदि प्रश्न आए कि 'निम्न में से कौन-सा मुहावरा नहीं है?', तो विकल्पों के अंत में 'ना' देखें। जिस विकल्प के अंत में 'ना' न होकर पूर्ण वाक्य का तुकांत हो, वह लोकोक्ति होगी और वही आपका सही उत्तर होगा।
परीक्षक अक्सर विकल्पों में मुहावरे का 'शाब्दिक अर्थ' (Literal Meaning) सबसे पहले (Option A में) देता है। जैसे- 'ऊँट के मुँह में जीरा' का अर्थ 'ऊँट को जीरा खिलाना'। इस जाल में न फँसें, हमेशा लाक्षणिक/सांकेतिक अर्थ ही चुनें।
अंग-आधारित मुहावरों (जैसे आँख, कान, नाक, हाथ) के अर्थ को रटने की बजाय उनके पीछे छिपे मानव स्वभाव और भाव-भंगिमा (Facial Expressions) से जोड़कर याद रखें।
समान अर्थ वाले मुहावरों में फँसाया जा सकता है। उदाहरण के लिए: 'कान भरना' = चुगली करना, जबकि 'कान खड़े होना' = चौकन्ना होना। दोनों में कान शब्द है पर भाव बिल्कुल भिन्न हैं।
वाक्य शुद्धि (Sentence Correction) के प्रश्नों में ध्यान दें कि मुहावरे का क्रिया-रूप कर्ता/कर्म के अनुसार बदला है या नहीं। यदि मुहावरे के मूल शब्द ही बदल दिए गए हों (उदा. 'नेत्र का तारा'), तो वह वाक्य अशुद्ध माना जाएगा।