Complete compilation of One Word Substitutions (वाक्यांशों के लिए एक शब्द) in Hindi for rapid revision in UPSSSC PET.वाक्यांशों के लिए एक शब्द पर UPSSSC PET की विस्तृत गाइड।
| विषय/पहलू (Aspect) | मुख्य विवरण (Key Details) |
|---|---|
| परिभाषा (Definition) | कम से कम शब्दों में विचार या भाव व्यक्त करने के लिए पूरे वाक्यांश (Phrase) के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले एक सटीक शब्द को 'वाक्यांश के लिए एक शब्द' या अनेक शब्दों के लिए एक शब्द कहते हैं। |
| उद्देश्य (Objective) | भाषा में संक्षिप्तता (Brevity), सुदृढ़ता, प्रभावशीलता और सौंदर्य लाना। अनावश्यक शब्दों को हटाकर कथन को प्रभावशाली बनाना। |
| UPSSSC PET में अंक भार (Weightage) | सामान्य हिन्दी खंड में 1 से 2 प्रश्न (लगभग 1-2 अंक) सीधे तौर पर इस विषय से पूछे जाते हैं। |
| प्रमुख वर्गीकरण आधार (Key Categories) | • दिशाएँ (Directions) • इच्छाएँ व इच्छुक व्यक्ति (Desires & Desirous Persons) • अग्नि के प्रकार (Types of Fire) • समय व काल (Time & Period) • रिश्ते/नायिका भेद (Relations & Characters) • ज्ञान व तर्क (Knowledge & Logic) |
| व्याकरणिक निर्माण नियम (Grammatical Rules) | मुख्यतः समान भाषा-मूल (Sanskrit Root), उपसर्ग (Prefixes) (जैसे- अ, अन, दुर्, निर) और प्रत्यय (Suffixes) (जैसे- ज्ञ, भुज, आ, उ) के योग से निर्मित होते हैं। |
| परीक्षा में पूछे जाने का स्वरूप (Exam Pattern) | वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) जिनमें एक वाक्यांश दिया जाता है और सही शब्द का चयन करना होता है, या गलत युग्म (Incorrect Pair) की पहचान करनी होती है। |
• इच्छावाचक शब्द (भाव): अंत में 'आ' प्रत्यय जुड़ता है (जैसे: मुमुक्षा, बुभुक्षा, जिगीषा)।
प्रमुख उदाहरण:
• उत्तर-पूर्व (North-East): ईशान (भगवान शिव/ईश का कोण)
अन्य मुख्य दिशाएँ:
• पेट की अग्नि: जठराग्नि या जठरानल (जठर = पेट)
• सूर्योदय से पूर्व का समय: अरुणोदय / ब्राह्ममुहूर्त
• जिस स्त्री का पति विदेश गया हो: प्रोषितपतिका
| वाक्यांश (Phrase) | एक शब्द (One Word) | वर्ग/श्रेणी (Category) | विशेष/नियम (Key Rule) |
|---|---|---|---|
| जो सब कुछ जानता हो | सर्वज्ञ | ज्ञान संबंधी | 'ज्ञ' प्रत्यय = जानने वाला |
| जो बहुत कम जानता हो | अल्पज्ञ | ज्ञान संबंधी | 'अल्प' + 'ज्ञ' |
| जो कुछ न जानता हो | अज्ञ / अभिज्ञ (भ्रम से बचें) | ज्ञान संबंधी | 'अज्ञ' = न जानने वाला |
| जो बहुत कुछ जानता हो | बहुज्ञ | ज्ञान संबंधी | 'बहु' + 'ज्ञ' |
| जिसका कोई शत्रु न जन्मा हो | अजातशत्रु | व्यक्ति विशेष | 'अजात' (न जन्मा) + 'शत्रु' |
| जिस पर विजय प्राप्त न की जा सके | अजेय | सामर्थ्य संबंधी | 'अ' + 'जेय' (जितने योग्य) |
| जिसके पास कुछ भी न हो | अकिंचन | स्थिति संबंधी | निर्धन से अधिक दरिद्र |
| जो कभी बूढ़ा न हो | अजर | अवस्था संबंधी | 'जर' = बुढ़ापा, 'अ' = न |
| जो कभी न मरे | अमर | अवस्था संबंधी | 'मर' = मृत्यु, 'अ' = न |
| फेंककर चलाया जाने वाला हथियार | अस्त्र | युद्ध अस्त्र | उदा. भाला, तीर |
| हाथ में थामकर चलाया जाने वाला हथियार | शस्त्र | युद्ध अस्त्र | उदा. तलवार, गदा |
| जो उपकार को मानता हो | कृतज्ञ | आचरण संबंधी | 'कृत' + 'ज्ञ' (मानने वाला) |
| जो उपकार को न मानता हो | कृतघ्न | आचरण संबंधी | 'कृत' + 'घ्न' (नष्ट करने वाला) |
| अनुकरण करने योग्य | अनुकरणीय | गुण संबंधी | 'अनीय' प्रत्यय |
| जिसकी उपमा न दी जा सके | अनुपम / अनुपमेय | तुलना संबंधी | 'अन' + 'उपमा' |
| इंद्रियों को जीतने वाला | जितेन्द्रिय | योग/संयम | जीत ली हैं इंद्रियाँ जिसने |
| इंद्रियों की पहुँच से बाहर | अतीन्द्रिय / इंद्रियातीत | योग/संयम | 'अतीत' = परे/बाहर |
| जो देखा न जा सके | अदृश्य / अगोचर | दृष्टि संबंधी | अगोचर = इंद्रियातीत भी |
| कम बोलने वाला | मितभाषी | वाणी संबंधी | 'मित' = कम, मपा-तुला |
| बहुत अधिक बोलने वाला | वाचाल | वाणी संबंधी | अत्यधिक बातें करने वाला |
| जिसकी ग्रीवा (गर्दन) सुंदर हो | सुग्रीव | शारीरिक गुण | 'सु' + 'ग्रीव' |
| जो सब में व्याप्त हो | सर्वव्यापी | गुण संबंधी | सर्व + व्यापी |
| जिसका जन्म पहले हुआ हो (बड़ा भाई) | अग्रज | संबंधी | 'अग्र' (पहले) + 'ज' (जन्मा) |
| जिसका जन्म बाद में हुआ हो (छोटा भाई) | अनुज | संबंधी | 'अनु' (पीछे) + 'ज' (जन्मा) |
| कठिनाई से पचने वाला अन्न/भोजन | गरिष्ठ / दुर्पाच्य | भोजन संबंधी | भारी भोजन |
| आकाश को चूमने वाला | गगनचुंबी | स्थान संबंधी | गगन + चुंबी |
| जो आँखों के सामने हो | प्रत्यक्ष | दृष्टि संबंधी | प्रति + अक्ष (आँख) |
| जो आँखों के सामने न हो | परोक्ष / अप्रत्यक्ष | दृष्टि संबंधी | पर + अक्ष |
| इतिहास से पूर्व का समय | प्रागैतिहासिक | काल संबंधी | प्राक् + ऐतिहासिक |
| जो मापने योग्य न हो | अपरिमेय | मापन संबंधी | 'परिमाण' से रहित |
यदि शब्द इच्छा (भाव) को दर्शा रहा है, तो अंत में 'आ' ध्वनि होगी (उदा. जिज्ञासा, युयुत्सा, मुमुक्षा)। यदि शब्द इच्छुक व्यक्ति को दर्शा रहा है, तो अंत में 'उ' ध्वनि होगी (उदा. जिज्ञासु, युयुत्सु, मुमुक्षु)।
घड़ी की दिशा में याद रखें: ईशान (NE) ➔ आग्नेय (SE) ➔ नैऋत्य (SW) ➔ वायव्य (NW)। संक्षिप्त रूप: 'ई-आ-नै-वा'।
• जठर (पेट) = जठराग्नि (पेट की आग)
• अस्त्र (अ = अलग): जो हाथ से अलग (फेककर) चलाया जाए (उदा. तीर, भाला, बम)।
• अग्रज = अग्र (पहले) + ज (जन्मा) = बड़ा भाई
• सर्वज्ञ = सब कुछ जानने वाला
परीक्षार्थी 'अभिज्ञ' को अज्ञ (न जानने वाला) समझ लेते हैं, जबकि अभिज्ञ = जानने वाला / जानकार होता है। इसका विलोम अनभिज्ञ = न जानने वाला होता है।
निर्धन = जिसके पास धन न हो। अकिंचन = जिसके पास कुछ भी न हो (अत्यंत दरिद्र)। परीक्षा में वाक्यांश 'जिसके पास कुछ न हो' के लिए अकिंचन सही उत्तर होता है।
प्रश्न पूछे: 'मोक्ष की इच्छा' ➔ उत्तर: मुमुक्षा। प्रश्न पूछे: 'मोक्ष पाने का इच्छुक' ➔ उत्तर: मुमुक्षु। विकल्पों में दोनों दिए होते हैं, अतः प्रश्न का अंत ध्यान से पढ़ें।
जंगल की आग के लिए दावानल और समुद्र की आग के लिए बड़वानल होता है। परीक्षार्थी अक्सर इन्हें आपस में बदल देते हैं।
तलवार एक शस्त्र है (हाथ में रखकर प्रहार), जबकि भाला एक अस्त्र है (फेंककर मारना)।
सही शब्द 'निशीथ' (श में बड़ी 'ई') है, न कि 'निशिथ'। इसी प्रकार 'युयुत्सु' में 'तु' और 'त्सु' की मात्राओं का ध्यान रखें।
अनेक शब्दों के स्थान पर एक सटीक संस्कृत/तत्सम आधारित शब्द का प्रयोग भाषा को प्रभावशाली बनाता है।
जिज्ञासा, जिजीविषा, युयुत्सा, बुभुक्षा, मुमुक्षा, तितीर्षा, जिगीषा - ये सभी भाव हैं।
जिज्ञासु, जिजीविषु, युयुत्सु, बुभुक्षु, मुमुक्षु, तितीर्षु, जिगीषु - ये सभी व्यक्ति/कर्ता हैं।
उत्तर-पूर्व = ईशान, दक्षिण-पूर्व = आग्नेय, दक्षिण-पश्चिम = नैऋत्य, उत्तर-पश्चिम = वायव्य।
पूर्व = प्राची, पश्चिम = प्रतीची, उत्तर = उदीची, दक्षिण = अवाची।
पेट की अग्नि = जठराग्नि, जंगल की अग्नि = दावाग्नि, समुद्र की अग्नि = बड़वाग्नि।
दोपहर पूर्व = पूर्वाह्न, दोपहर = मध्याह्न, दोपहर बाद = अपराह्न, आधी रात = निशीथ।
फेंककर चलाया जाने वाला = अस्त्र (उदा. भाला)। हाथ में पकड़कर चलाया जाने वाला = शस्त्र (उदा. तलवार)।
जिसका कोई शत्रु न हो = अजातशत्रु। जिसे जीता न जा सके = अजेय।
उपकार मानने वाला = कृतज्ञ। उपकार न मानने वाला = कृतघ्न।
सब कुछ जानने वाला = सर्वज्ञ। कम जानने वाला = अल्पज्ञ। जानने वाला = अभिज्ञ। न जानने वाला = अनभिज्ञ/अज्ञ।
विकल्प चुनते समय तत्सम/तद्भव रूप एवं प्रत्यय ('आ'/'उ') का विशेष ध्यान रखें।
परीक्षा रणनीति (PET Tip): जब भी प्रश्न में इच्छा से संबंधित शब्द आए, सबसे पहले प्रश्न के अंत में देखें कि 'इच्छा' पूछी गई है या 'इच्छा रखने वाला व्यक्ति'। केवल इसी एक बिंदु से 50% गलत उत्तर वाले विकल्प खारिज (Eliminate) हो जाते हैं।
परीक्षक का जाल (Exam Trap): परीक्षार्थी अक्सर 'अभिज्ञ' को 'अज्ञ' (मूर्ख/अज्ञानी) समझ बैठते हैं क्योंकि उसमें 'अ' लगा है। ध्यान रखें: अभिज्ञ = ज्ञानी/जानकार और अनभिज्ञ = अज्ञानी/अंजान।
दिशा संबंधी प्रश्नों का शार्टकट: अपनी रफ शीट पर उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम लिखकर 'ई-आ-नै-वा' को क्लॉकवाइज़ भर लें, कभी उत्तर गलत नहीं होगा।
अस्त्र और शस्त्र का जाल: परीक्षक प्रायः 'गदा' या 'तलवार' देकर पूछता है कि यह अस्त्र है या शस्त्र। हाथ से न छूटने वाले हथियार शस्त्र होते हैं।