Comprehensive list of important Hindi Antonyms (विलोम शब्द) with explanation and practice questions for UPSSSC PET.विलोम शब्द पर UPSSSC PET की विस्तृत गाइड।
| विषय/पहलू (Aspect) | मुख्य विवरण (Key Details) |
|---|---|
| परिभाषा (Definition) | विलोम शब्द (Antonyms) वे शब्द हैं जो किसी मूल शब्द का विपरीत या उल्टा अर्थ प्रकट करते हैं। इन्हें विपरीपार्थक शब्द भी कहा जाता है। |
| सजातीयता का नियम (Rule of Same Category) | विलोम शब्द सदैव सजातीय होने चाहिए; अर्थात् तत्सम का विलोम तत्सम, तद्भव का तद्भव, संज्ञा का संज्ञा तथा विशेषण का विलोम विशेषण ही होता है। |
| निर्माण की पद्धतियाँ (Formation Methods) | विलोम शब्द मुख्य रूप से उपसर्ग परिवर्तन, लिंग परिवर्तन, नञ् समास (निषेध) तथा स्वतंत्र/भिन्न जातीय शब्दों के माध्यम से बनते हैं। |
| UPSSSC PET में भार (Weightage) | PET परीक्षा के सामान्य हिन्दी खंड में 1 से 2 अंक के प्रश्न सीधे विलोम शब्द तालिका तथा अपवादों से पूछे जाते हैं। |
| उपसर्ग द्वारा निर्माण (Antonyms via Prefixes) | शब्द के पूर्व अ-, अन-, अप-, दुर्-, दुः-, वि-, प्रति-, निर- आदि उपसर्ग लगाकर विलोम बनाए जाते हैं (जैसे: मान → अपमान)। |
| लिंग परिवर्तन (Gender Change) | पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाकर विपरीत अर्थ देना (जैसे: राजा → रानी, वर → वधू)। |
| सूक्ष्म अंतर एवं अपवाद (Exceptions) | कुछ शब्द दिखने में एक जैसे लगते हैं परंतु उनका विलोम भिन्न होता है (जैसे: उन्मूलन → रोपण जबकि उन्मीलन → निमीलन)। |
• तत्सम शब्द का विलोम केवल तत्सम ही होगा।
1. अग्नि → जल
2. अति → अल्प
3. अमृत → विष
4. अनुराग → विराग
5. उत्कर्ष → अपकर्ष
6. गुरु → लघु
7. चेतन → जड़
8. प्रत्यक्ष → परोक्ष / अप्रत्यक्ष
9. स्थावर → जंगम
10. ऋजु → वक्र
11. आहुत → अनाहुत
• शब्द के आगे विरोधी उपसर्ग जोड़कर या उपसर्ग बदलकर विलोम शब्द बनते हैं।
1. उपकारक → अपकारक
2. सुपुत्र → कुपुत्र
3. अनुकूल → प्रतिकूल
4. आघात → प्रत्याघात
5. उत्थान → पतन
6. स्वाधीन → पराधीन
7. साकार → निराकार
8. सापेक्ष → निरपेक्ष
9. सुगम → दुर्गम
10. सगुण → निर्गुण
11. सनाथ → अनाथ
• यदि मूल शब्द व्यंजन (Consonant) से शुरू होता है, तो आगे 'अ' उपसर्ग लगता है।
1. संभव (व्यंजन) → असंभव
2. लौकिक (व्यंजन) → अलौकिक
3. सभ्य (व्यंजन) → असभ्य
4. उचित (स्वर 'उ') → अनुचित (अन + उचित)
5. इच्छा (स्वर 'इ') → अनिच्छा (अन + इच्छा)
6. उत्तर (स्वर 'उ') → अनुत्तर (अन + उत्तर)
7. आवश्यक (स्वर 'आ') → अनावश्यक
8. एक (स्वर 'ए') → अनेक (अन + एक)
9. अर्थ (स्वर 'अ') → अनर्थ (अन + अर्थ)
10. आहूत (स्वर 'आ') → अनाहूत
11. अभ्यस्त (स्वर 'अ') → अनभ्यस्त
• बिना किसी उपसर्ग नियम के, मूल अर्थ में पूर्ण भिन्नता वाले शब्द।
1. राजा → रंक / प्रजा
2. मूक → वाचाल
3. वरदान → अभिशाप
4. तिमिर → प्रकाश
5. आगामी → विगत
6. अग्रज → अनुज
7. हार → जीत
8. लाभ → हानि
9. गुण → दोष
10. रात → दिन
11. वर → वधू
• UPSSSC परीक्षा में सबसे अधिक भ्रम पैदा करने वाले शब्द।
1. अभिज्ञ → अनभिज्ञ (विज्ञ = अभिज्ञ का पर्यायवाची है)
2. बहुज्ञ → अल्पज्ञ
3. उन्मूलन → रोपण (जड़ से उखाड़ना → लगाना)
4. उन्मीलन → निमीलन (आँखें/फूल खिलना → बंद होना)
5. अवनि → अंबर
6. कृतज्ञ → कृतघ्न
7. क्षमा → दंड
8. शोषक → पोषक
9. सूक्ष्म → स्थूल
10. गरिमा → लघिमा
11. अथ → इति
| मूल शब्द (Word) | विलोम शब्द (Antonym) | व्याकरणिक नियम / श्रेणी (Rule / Class) |
|---|---|---|
| अभिज्ञ (ज्ञाता) | अनभिज्ञ / अज्ञ | तत्सम (स्वर के कारण 'अन' उपसर्ग) |
| अथ (आरंभ) | इति (अंत) | तत्सम (स्वतंत्र शब्द विलोम) |
| उन्मूलन (उखाड़ना) | रोपण (रोपना) | तत्सम (क्रियात्मक संज्ञा) |
| उन्मीलन (खिलना) | निमीलन (मुरझाना/बंद होना) | तत्सम (सूक्ष्म अर्थ भेद) |
| स्थावर (स्थिर) | जंगम (चलायमान) | तत्सम (अत्यंत महत्वपूर्ण) |
| ऋजु (सीधा) | वक्र (टेढ़ा) | तत्सम (आकार/दिशाबोधक) |
| कृतज्ञ (उपकार मानने वाला) | कृतघ्न (उपकार न मानने वाला) | तत्सम (समास आधारित) |
| अवनि (पृथ्वी) | अंबर (आकाश) | तत्सम (संज्ञा सजातीय) |
| अग्रज (बड़ा भाई) | अनुज (छोटा भाई) | तत्सम ('अग्र' बनाम 'अनु' प्रत्यय) |
| तिमिर (अंधकार) | प्रकाश / आलोक | तत्सम (भाववाचक संज्ञा) |
| मूक (शांति/मौन) | वाचाल (अधिक बोलने वाला) | तत्सम (गुणवाचक विशेषण) |
| अहल्या / आहूत | अनाहूत (बिना बुलाया) | तत्सम ('अन' उपसर्ग योग) |
| सूक्ष्म (बारीक) | स्थूल (विशाल/मोटा) | तत्सम (परिमाणवाचक विशेषण) |
| गरिमा (गौरव) | लघिमा (लाघव) | तत्सम (भाववाचक संज्ञा प्रत्यय) |
| शोषक (शोषण करने वाला) | पोषक (पालन करने वाला) | तत्सम (कर्तृवाचक संज्ञा) |
यदि प्रश्न में तत्सम शब्द दिया गया है (जैसे: अंधकार), तो विकल्प में केवल तत्सम विलोम ही चुनें (प्रकाश)। तद्भव विकल्प (उजाला) पूरी तरह गलत होगा।
व्यंजन से शुरू होने वाले शब्दों में 'अ' लगाएं (सत्य → असत्य)। स्वर से शुरू होने वाले शब्दों में 'अन' जोड़ें (उचित → अन + उचित = अनुचित)।
'मूल' शब्द का अर्थ जड़ होता है, इसलिए उन्मूलन (उखाड़ना) का विलोम रोपण (पेड़ लगाना) होगा। उन्मीलन (आँखें खोलना) का विलोम निमीलन (आँखें मूंदना) होगा।
अभिज्ञ और विज्ञ दोनों का अर्थ 'जानने वाला' होता है। इनका विलोम अनभिज्ञ या अज्ञ (न जानने वाला) होता है।
सकारात्मक उपसर्गों को सीधे नकारात्मक उपसर्गों से बदलें: सद् → दुर्द (सदाचार → दुराचार), अनु → प्रति (अनुकूल → प्रतिकूल)।
संज्ञा का विलोम संज्ञा ही होगा (दया → क्रूरता) और विशेषण का विलोम विशेषण ही होगा (दयालु → क्रूर)।
अमृत का विलोम 'विष' (तत्सम) होता है। यदि आप 'जहर' (तद्भव/विदेशज) चुनते हैं, तो उत्तर गलत माना जाएगा।
अभिज्ञ का सही विलोम अनभिज्ञ या अज्ञ है। छात्र उपसर्ग 'अ' देखकर इसे 'अज्ञानी' मान लेते हैं जो गलत है।
राजा के तीन विलोम संदर्भानुसार होते हैं: प्रजापति/धन के संदर्भ में रंक, लिंग के संदर्भ में रानी, और शासन के संदर्भ में प्रजा। प्रश्न के विकल्पों के अनुसार सटीक चयन करें।
परीक्षा में उन्मूलन के सामने विकल्प में निमीलन दिया रहता है जो गलत उत्तर है। उन्मूलन का रोपण तथा उन्मीलन का निमीलन होता है।
गंभीर (विशेषण) का विलोम वाचाल (विशेषण) होगा, न कि वाचालता (संज्ञा)।
विज्ञ और अभिज्ञ समानार्थी हैं, एक-दूसरे के विलोम नहीं। जल्दबाजी में इन्हें एक-दूसरे का विलोम न चुनें।
विलोम शब्द मूल शब्द का परस्पर विपरीत या उल्टा अर्थ बोध कराते हैं।
विलोम शब्द सदैव समान व्याकरणिक श्रेणी (संज्ञा, विशेषण, तत्सम, तद्भव) के होते हैं।
अ-, अन-, अप-, दुर्-, निर-, प्रति- आदि उपसर्ग जोड़कर विलोम शब्द बनाए जाते हैं।
अभिज्ञ / विज्ञ का सही विलोम अनभिज्ञ / अज्ञ होता है।
स्थावर (स्थिर) का विलोम जंगम (चलायमान) होता है (PET का अति-महत्वपूर्ण प्रश्न)।
ऋजु (सीधा) का विलोम वक्र (टेढ़ा) होता है।
अथ (शुरुआत) का विलोम इति (समापन) होता है।
उन्मूलन का विलोम रोपण होता है।
उन्मीलन का विलोम निमीलन होता है।
कृतज्ञ का विलोम कृतघ्न होता है।
अवनि का सही तत्सम विलोम अंबर होता है।
मूक का विलोम वाचाल होता है।
परीक्षा रणनीति: विलोम शब्द हल करते समय सबसे पहले मूल शब्द का प्रकार जांचें। यदि मूल शब्द तत्सम (संस्कृतनिष्ठ) है, तो उत्तर निश्चित रूप से तत्सम विकल्प ही होगा।
परीक्षक का जाल: UPSSSC PET में 'अभिज्ञ' का विलोम पूछा जाता है और विकल्प A में 'विज्ञ' दिया जाता है। छात्र इसे विलोम समझ लेते हैं, जबकि 'अभिज्ञ' और 'विज्ञ' दोनों समानार्थी (ज्ञाता) हैं। सही विलोम 'अनभिज्ञ' या 'अज्ञ' है।
परीक्षक का जाल: 'उन्मूलन' और 'उन्मीलन' में परीक्षार्थियों को भ्रमित किया जाता है। याद रखें: उन्मूलन = रोपण, उन्मीलन = निमीलन।
उपसर्ग तकनीक: यदि किसी अनजान शब्द का विलोम पूछा जाए, तो उसके उपसर्ग (सत्-, सु-, अनु-, आकार-) को बदलकर (दुर्-, कु-, प्रति-, निर-) उत्तर तक पहुँचा जा सकता है।