Homophones (Samroop Bhinnarthak)समरूप भिन्नार्थक शब्द

Words having similar pronunciation but different meanings (समरूप भिन्नार्थक शब्द) explained clearly with examples for UPSSSC PET.समरूप भिन्नार्थक शब्द पर UPSSSC PET की विस्तृत गाइड।

Mediumमध्यम 45 min totalकुल 45 मिनट

Detailed Brief Overview

विषय/पहलू (Aspect)मुख्य विवरण (Key Details)
परिभाषा (Definition)ऐसे शब्द जो सुनने अथवा पढ़ने में लगभग समान (समान रूप वाले) लगते हैं, परंतु उनके अर्थ में भिन्नता (भिन्न अर्थ) होती है, उन्हें समरूप भिन्नार्थक या श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द (Homophones) कहते हैं।
मूल भेद कारक (Key Divergent Factors)मुख्यतः ह्रस्व-दीर्घ मात्रा भेद (इ/ई, उ/ऊ), समान उच्चारण वाले वर्ण भेद (श/ष/स, ब/व, ड/ढ़), नुक्ता भेद (ज़/ज, फ़/फ) तथा अनुस्वार/अनुनासिक भेद से अर्थ बदलता है।
UPSSSC PET में महत्व (Exam Importance)सामान्य हिन्दी खंड में 1 से 2 प्रश्न (1-2 Marks) सीधे शब्द-युग्म के अर्थ-चयन आधारित पूछे जाते हैं। वाक्य-शुद्धि तथा अपठित गद्यांश में भी इसका प्रयोग होता है।
पहचान का नियम (Rule of Identification)ध्वनि साम्यता (Phonetic similarity) पर ध्यान न देकर मात्रा की सूक्ष्म संरचना और व्युत्पत्ति (Etymological Meaning) का विश्लेषण करना आवश्यक है।
मात्रा भेद नियम (Vowel Variance Rule)ह्रस्व स्वर (जैसे- , ) प्रायः छोटे, क्रियात्मक या साधन-परक अर्थ दर्शाते हैं, जबकि दीर्घ स्वर (जैसे- , ) विशेषण, स्थिति या विस्तार बोधक होते हैं।
वर्ण भेद नियम (Consonant Variance Rule)तालव्य 'श', मूर्धन्य 'ष' और दन्त्य 'स' का प्रयोग अर्थ में व्यापक परिवर्तन लाता है (उदा. अंस = कंधा, अंश = भाग)।
प्रत्यय आधारित भेद (Suffix-based Distinction)समान मूल शब्द में भिन्न प्रत्यय (जैसे = जन्मा, = देने वाला, धि = धारण करने वाला) से नए समरूप युग्म बनते हैं (उदा. जलज, जलद, जलधि)।
परीक्षा रणनीति (Exam Strategy)विकल्पों में दोनों शब्दों का क्रमशः (In exact order) अर्थ मिलाना अनिवार्य है; जल्दबाज़ी में क्रम बदलने से नकारात्मक अंकन (Negative Marking - 0.25) हो सकता है।

Detailed Explanation with Mnemonics

1. मात्रा आधारित समरूप युग्म (Vowel-Difference Homophones)

नियम: ह्रस्व (छोटी) और दीर्घ (बड़ी) मात्राओं के प्रयोग से अर्थ पूरी तरह बदल जाता है।

उदाहरण 1: अलि (छोटी 'इ' = भंवरा) | अली (बड़ी 'ई' = सखी/सहेली)।
उदाहरण 2: कुल (छोटा 'उ' = वंश, समस्त, जोड़) | कूल (बड़ा 'ऊ' = नदी का तट/किनारा)।
उदाहरण 3: दिन (ह्रस्व 'इ' = दिवस/Day) | दीन (दीर्घ 'ई' = दरिद्र/ग़रीब)।
उदाहरण 4: तरणि (छोटी 'इ' = सूर्य) | तरणी (बड़ी 'ई' = नौका/नाव) | तरुणी = युवती।
उदाहरण 5: आदि (छोटी 'इ' = प्रारंभ/इत्यादि) | आदी (बड़ी 'ई' = अभ्यस्त/आदतन)।
उदाहरण 6: बलि (छोटी 'इ' = न्योछावर/बलिदान) | बली (बड़ी 'ई' = बलवान/शक्तिशाली)।
उदाहरण 7: सूचि (छोटी 'इ' = सुई) | सूची (बड़ी 'ई' = तालिका/List)।
उदाहरण 8: सुत (छोटा 'उ' = पुत्र) | सूत (बड़ा 'ऊ' = धागा/सारथी)।
उदाहरण 9: कृपान (ह्रस्व) / कृपाण = तलवार | कृपण = कंजूस।
उदाहरण 10: पिहित = ढका हुआ | निहित = रखा हुआ/छुपा हुआ।
शॉर्ट-ट्रिक (Mnemonic): "भंवरा छोटा (अलि), सखी बड़ी (अली); वंश छोटा (कुल), तट लंबा बड़ा (कूल)।"

2. वर्ण आधारित भिन्नार्थक युग्म (Consonant-Difference Homophones)

नियम: सझातीय वर्णों (श/स, ब/व, ड/ढ़, द/ध) के परस्पर बदलाव से अर्थ भिन्न होता है।

उदाहरण 1: अंस (दन्त्य 'स' = कंधा) | अंश (तालव्य 'श' = हिस्सा/भाग)।
उदाहरण 2: वहन ('व' = ढोना/ले जाना) | बहन/बहिन ('ब' = भगिनी/Sister)।
उदाहरण 3: अंबुज ('ज' = जल में जन्मा अर्थात् कमल) | अंबुद ('द' = जल देने वाला अर्थात् बादल)।
उदाहरण 4: सर ('स' = तालाब) | शर ('श' = बाण/तीर)।
उदाहरण 5: दंश ('श' = डंक/काटना) | दंस = दंश/चुभन | दंसन = दाँत से काटना।
उदाहरण 6: पास ('स' = निकट/समीप) | पाश ('श' = बंधन/फंदा)।
उदाहरण 7: बाण ('ब' = तीर) | वाणी ('व' = बोली/वचन)।
उदाहरण 8: सूत (सारथी) | शूत (सूप/टोकरी)।
उदाहरण 9: सम (बराबर/समान) | शम (शांति/मोक्ष)।
उदाहरण 10: पुरुष (नर/आदमी) | परुष (कठोर/परुषा भाषा)।
शॉर्ट-ट्रिक (Mnemonic): "कंधा सादा 'अंस' है, हिस्सा 'अंश' विशाल; तालाब 'सर' शांत है, 'शर' चलाए काल।"

3. प्रत्यय एवं उत्पत्ति आधारित युग्म (Suffix/Etymology Homophones)

नियम: एक ही मूल शब्द के अंत में प्रत्यय परिवर्तन ('ज', 'द', 'धि', 'धर') से नए समरूप शब्द बनते हैं।

उदाहरण 1: जलज (कमल) | जलद (बादल) | जलधि (समुद्र)।
उदाहरण 2: अब्ज (कमल/चंद्रमा) | अब्द (वर्ष/बादल) | अब्धि (सागर)।
उदाहरण 3: द्विज (ब्राह्मण/पक्षी/दाँत - दो बार जन्मा) | द्विरद (हाथी - दो दाँत वाला)।
उदाहरण 4: अचल (पर्वत/स्थिर) | अचला (पृथ्वी) | अंचला (साड़ी का छोर)।
उदाहरण 5: अंबर (वस्त्र/आकाश) | अंबार (ढेर)।
उदाहरण 6: अंबु (जल) | अंब (माता) | अंबा (दुर्गा/माता)।
उदाहरण 7: प्रसाद (अनुग्रह/भोग) | प्रासाद (राजमहल/भवन)।
उदाहरण 8: कृति (रचना/कार्य) | कृती (पुण्यात्मा/निपुण व्यक्ति)।
उदाहरण 9: अनल (अग्नि) | अनिल (वायु/हवा)।
उदाहरण 10: अवलंब (सहारा) | अविलंब (बिना देर किए/शीघ्र)।
शॉर्ट-ट्रिक (Mnemonic): "'ज' से जन्म (कमल), 'द' से देना (बादल), 'धि' से धारण (समुद्र/जलधि)।"

4. भ्रम पैदा करने वाले अति-सूक्ष्म भिन्नार्थक (Highly Confusing Subtle Homophones)

नियम: अति-सूक्ष्म उच्चारण अंतर जिन्हें परीक्षार्थी अक्सर एक ही समझ लेते हैं।

उदाहरण 1: अविराम (बिना रुके/लगातार) | अभिराम (सुंदर/मनोहर)।
उदाहरण 2: अपेक्षा (इच्छा/तुलना में) | उपेक्षा (अवहेलना/तिरस्कार)।
उदाहरण 3: आकार (बनावट/रूप) | आकर (खान/खजाना - जैसे 'रत्नाकर')।
उदाहरण 4: आहूत (दीर्घ 'ऊ' = बुलाया हुआ/आमंत्रित) | आहुति (ह्रस्व 'उ' = यज्ञ की सामग्री)।
उदाहरण 5: इति (ह्रस्व 'इ' = समाप्ति/अंत) | ईति (दीर्घ 'ई' = फसल की आपदा/विपत्ति)।
उदाहरण 6: कंटक (काँटा) | टकक/कटक (सेना/शिविर)।
उदाहरण 7: आचार (आचरण/रीति) | अचार (खाद्य पदार्थ/चटपटा व्यंजन)।
उदाहरण 8: परिणाम (नतीजा/फल) | परिमाण (नाप-तौल/मात्रा)।
उदाहरण 9: करण (साधन/कारक) | शरण (आश्रय)।
उदाहरण 10: लक्ष्य (उद्देश्य/ध्येय) | लक्ष (लाख की संख्या)।
शॉर्ट-ट्रिक (Mnemonic): "'अविराम' चले लगातार, 'अभिराम' रूप सुंदर अपार; 'इति' से अंत समझो, 'ईति' से आपदा जान।"

5. नुक्ता एवं विदेशी ध्वनि भिन्नार्थक (Nuqta & Foreign Phonetic Homophones)

नियम: नुक्ता (नीचे लगा बिंदू) लगने से अरबी-फ़ारसी प्रभाव के कारण अर्थ बदल जाता है।

उदाहरण 1: जरा (बिना नुक्ता = बुढ़ापा) | ज़रा (नुक्तायुक्त = थोड़ा/अल्प)।
उदाहरण 2: राज (बिना नुक्ता = शासन/राज्य) | राज़ (नुक्तायुक्त = भेद/गुप्त बात)।
उदाहरण 3: खाना (भोजन करना) | ख़ाना (दराज़/घर/डिब्बा)।
उदाहरण 4: फन (साँप का फण) | फ़न (कला/कौशल)।
उदाहरण 5: जमाना (दही जमाना) | ज़माना (संसार/युग)।
उदाहरण 6: गज़ (हाथी - तत्सम) | गज़ (माप की इकाई - ३ फीट)।
उदाहरण 7: जीना (जीवित रहना) | ज़ीना (सीढ़ी)।
उदाहरण 8: सुरखाब (एक पक्षी) | सुर्ख (लाल)।
उदाहरण 9: ताक (देखना/घूरना) | ताक़ (दीवार की अलमारी)।
उदाहरण 10: अधम (नीच) | अधमरा (आधा मरा)।
शॉर्ट-ट्रिक (Mnemonic): "बिना नुक्ता 'जरा' बुढ़ापा लाए, नुक्ता लगे 'ज़रा' थोड़ा बतलाए।"

Comprehensive Data Tables

शब्द युग्म (Word Pair)प्रथम शब्द का अर्थ (1st Word Meaning)द्वितीय शब्द का अर्थ (2nd Word Meaning)UPSSSC PET / परीक्षा संदर्भ व टिप्स
अलि / अलीभंवरा (मकरंद चुसने वाला)सखी / सहेलीPET में बार-बार पूछा गया; मात्रा का ध्यान रखें।
अनल / अनिलअग्नि (आग)वायु (हवा)पर्यायवाची व भिन्नार्थक दोनों में अति-महत्वपूर्ण।
तरणि / तरणी / तरुणीसूर्य (सूरज)नाव (नौका)तृतीय शब्द 'तरुणी' = युवती/युवान स्त्री।
अंस / अंशकंधा ( shoulder )भाग / हिस्सा / टुकड़ा'स' और 'श' का भ्रम निवारण आवश्यक है।
अविराम / अभिरामनिरंतर / बिना रुकेसुंदर / आकर्षकवाक्य प्रयोग में प्रायः पूछा जाता है।
कुल / कूलवंश / सब / योगकिनारा / तटह्रस्व 'उ' और दीर्घ 'ऊ' का मानक उदाहरण।
अंचल / अचल / अचलासाड़ी का किनारा / क्षेत्रपर्वत / स्थिरतृतीय शब्द 'अचला' = पृथ्वी/धरती।
अंबुज / अंबुद / अंबुधिकमल (जल से उत्पन्न)बादल (जल देने वाला)तृतीय शब्द 'अंबुधि' = समुद्र (जल का भंडार)।
प्रसाद / प्रासादकृपा / देव-भोगराजमहल / भव्य भवनअक्षर 'आ' की मात्रा से महल बनता है।
कृपण / कृपाणकंजूस / सूमतलवार / खड्गशस्त्र और स्वभाव का अंतर ध्यान रखें।
अवलंब / अविलंबसहारा / आश्रयशीघ्र / बिना देरी केउपसर्ग 'अवि' लगने से समय सूचक।
अपेक्षा / उपेक्षाइच्छा / तुलना मेंअवहेलना / अनादरविलोम रूप में भी प्रयुक्त होता है।
दिन / दीनदिवस (Day)ग़रीब / दरिद्रसरल परंतु परीक्षा हॉल के दबाव में भ्रमित करने वाला।
नीर / नीड़जल / पानीघोंसला / पक्षी का घरवर्ण 'र' और 'ड़' का सूक्ष्म अंतर।
पावन / पवनपवित्र / शुद्धवायु / हवाअयादि संधि नियम आधारित शब्द युग्म।
आदि / आदीप्रारंभ / इत्यादिअभ्यस्त / आदत वालाआदी (दीर्घ ई) = नशे या काम का आदी होना।
इति / ईतिसमाप्ति / अंतदैवीय या प्राकृतिक आपदाइति-श्री = समाप्त करना; ईति = फसल नष्ट होना।
ग्रह / गृहखगोलीय पिंड (Planet)घर / मकान / आवासऋ-कार (गृ) और र-कार (ग्र) का भेद।
परिणाम / परिमाणनतीजा / फलमात्रा / नाप-तौलविशेषण भेद (परिमाणवाचक) में उपयोगी।
सुत / सूतपुत्र / बेटाधागा / सारथी (रथ चलाने वाला)महाभारत में 'सूत-पुत्र' कर्ण को कहा गया।
कृति / कृतीरचना / रचना-कार्यनिपुण / पुण्यात्मा / विद्वानदीर्घ 'ई' लगने से व्यक्तिवाचक गुण बनता है।
अशन / असन / अशानिभोजन / खानाफेंकना / अस्त्र चलानातृतीय शब्द 'अशानि' = बिजली/वज्र।
शम / समशांति / शमन करनासमान / बराबरशम = इंद्रिय निग्रह (संस्कृत मूल)।
दंश / दंसडंक / काटनादाँत से काटनाविषैले कीट का काटना = दंश।
कंटक / कटककाँटा / बाधासेना / समूह / शिविरकटक (उड़ीसा का शहर या सैन्य शिविर)।
आकर / आकारखान / स्रोत (जैसे- रत्नाकर)रूप / बनावट / ढाँचाज्ञान का आकर = ज्ञान की खान।
जरा / ज़राबुढ़ापा (जराचिकित्सा)थोड़ा / अल्प मात्राफारसी नुक्ता का सटीक प्रयोग।
राज / राज़शासन / राज्यरहस्य / गुप्त बातवाक्य शुद्धि में नुक्ता परीक्षण।
पुरुष / परुषमानव / नर / आदमीकठोर / परुष वचन'परुष' शब्द प्रायः भाषा हेतु आता है।
सुरभि / सुरभीसुगंध / खुशबूगाय / कामधेनुछोटी 'इ' = सुगंध, बड़ी 'ई' = गाय।

Tricks to Remember

Mistakes to Avoid

Point-wise Detailed Summary

UPSC Notes & InsightsUPSC नोट्स और अंतर्दृष्टि

UPSSSC PET परीक्षा रणनीति: प्रश्न को पढ़ते ही उत्तर का चयन करने से पहले दोनों शब्दों के अर्थ का क्रम जाँचें। यदि प्रश्न 'अनल-अनिल' है, तो उत्तर अनिवार्य रूप से 'अग्नि, वायु' होना चाहिए, न कि 'वायु, अग्नि'।

परीक्षक का जाल (Exam Trap): विकल्पों में प्रायः 'अलि-अली' के अर्थ हेतु Option A 'सखी और भंवरा' दिया जाता है जो कि गलत क्रम है। सही उत्तर 'भंवरा और सखी' होगा।

संस्कृत तत्सम आधारित प्रत्यय नियम ('ज', 'द', 'धि') याद रखने से एक साथ 10+ शब्द युग्म (अब्ज/अब्द/अब्धि, नीरज/नीरुद/नीरधि) हल हो जाते हैं।

नुक्ता वाले प्रश्नों (ज़रा/जरा, राज़/राज) में वाक्य प्रयोग आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। वाक्य के संदर्भ के अनुसार ही सही नुक्तायुक्त शब्द का चुनाव करें।

Key Takeawaysमुख्य बातें